-->
स्कूलों में पाठ्यक्रम और शिक्षण-शास्त्र : पाठ्यक्रम रूपरेखा

स्कूल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा

शिक्षा नीति 2020 अध्याय 4 भाग 4

4.30 स्कूल शिक्षा के लिए एक नया और व्यापक राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा एनसीएफएसई 2020-21, एनसीईआरटी द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के सिद्धांतों, अग्रणी पाठ्यचर्या आवश्यकताओं के आधार पर तथा राज्य सरकारों, मंत्रालयों, केंद्र सरकार के संबंधित विभागों और अन्य विशेषज्ञ निकायों सहित सभी हितधारकों के साथ परामर्श करके तैयार किया जाएगा और इसे सभी क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा। उसके बाद एनसीएफएसई दस्तावेज की प्रत्येक 5-0 वर्ष में महत्वपूर्ण पाठ्यचर्या को ध्यान में रखते हुए समीक्षा एवं अद्यतनीकरण किया जाएगा।

स्थानीय विषय-वस्तु और आस्वाद के साथ राष्ट्रीय पाठ्यपुस्तकें

4.31 स्कूली पाठ्यक्रम के बोझ में कमी, और बढ़े हुए लचीलेपन, और रटकर सीखने के बजाय रचनावादी तरीके से सीखने पर नए सिरे से जोर के साथ-साथ स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में भी बदलाव होने चाहिए। सभी पाठ्यपुस्तकों में राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जाने वाली आवश्यक मूल सामग्री (चर्चा, विश्लेषण, उदाहरण और अनुप्रयोग के साथ) को शामिल करना होगा, लेकिन इसके साथ ही स्थानीय संदर्भों और आवश्यकताओं के अनुसार किसी भी वांछित बारीकियों और पूरक सामग्री को भी शामिल करना चाहिए। जहाँ संभव हो, शिक्षकों के पास भी तय पाठ्यपुस्तकों में अनेक विकल्प होंगे। उनके पास अब ऐसी पाठ्यपुस्तकों के अनेक सेट होंगे जिसमें अपेक्षित राष्ट्रीय और स्थानीय सामग्री शामिल होगी। इसके चलते वे ऐसे तरीके से पढ़ा सकें जो उनकी अपनी शिक्षण-शास्त्रीय शैली और उनके छात्रों की एवं समुदायों की ज़रूरत के मुताबिक़ हो।

4.32 छात्रों को और शिक्षा व्यवस्था पर पाठ्यपुस्तक की कीमतों के बोझ को कम करने के लिए इस तरह की गुणवत्ता की पाठ्यपुस्तकों को न्यूनतम संभव लागत - उत्पादन / मुद्रण की लागत- पर मुहैया करवाया जाएगा। यह उद्देश्य एससीईआरटी के संयोजन में एनसीईआरटी द्वारा विकसित उच्चतर गुणवत्ता वाली पाठ्यपुस्तक सामग्री का उपयोग करके पूरा किया जा सकता है; अतिरिक्त पाठ्यपुस्तक सामग्री को सार्वजनिक-परोपकारी भागीदारी और क्राउडसोर्सिंग द्वारा वित्तपोषित किया जा सकेगा जिसका इस्तेमाल विशेषज्ञों को ऐसी उच्चतर गुणवत्ता वाली पाठ्यपुस्तकों को लागत-मूल्य पर लिखने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा।

राज्य अपने स्वयं के पाठ्यक्रम (जो जहाँ तक संभव हो एनसीईआरटी द्वारा तैयार एनसीएफएसई पर आधारित हो सकते हैं) तैयार करेंगे और पाठ्यपुस्तकों (जो जहाँ तक संभव हो एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक सामग्री पर आधारित हो सकते हैं) को तैयार करेंगे, जिसमें स्थानीय आस्वादों और सामग्री को जरुरत के अनुसार शामिल किया जा सकेगा। ऐसा करते समय, यह ध्यान में रखना चाहिए कि एनसीईआरटी पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय रूप से स्वीकार्य मानदंड के रूप में लिया जाएगा। सभी क्षेत्रीय भाषाओं में ऐसी पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होगी, ताकि सभी छात्रों को उच्चतर- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो। स्कूलों में पाठ्य पुस्तकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे। पर्यावरण को संरक्षित करने और व्यवस्थात्मक बोझ को कम करने के उद्देश्य से सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों और एनसीईआरटी द्वारा सभी पाठ्यपुस्तकों को डाउनलोड और प्रिंट करने की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी।

4.33 पाठ्यक्रम और शिक्षणशास्त्र में उपयुक्त परिवर्तनों के जरिए स्कूल बैग और पाठ्यपुस्तकों के बोझ को पर्याप्त रूप से कम करने के लिए एनसीईआरटी, एससीईआरटी, स्कूलों और शिक्षकों द्वारा ठोस प्रयास किए जाएंगे।

Related Posts

0 Response to "स्कूलों में पाठ्यक्रम और शिक्षण-शास्त्र : पाठ्यक्रम रूपरेखा"

Post a Comment

Please leave your valuable comments here.

Iklan Bawah Artikel