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स्कूलों में पाठ्यक्रम और शिक्षण-शास्त्र : मेधावी विद्यार्थियों के लिए सहायता

विशेष प्रतिभा वाले और मेधावी विद्यार्थियों के लिए सहायता

शिक्षा नीति 2020 अध्याय 4 भाग 6

4.43 प्रत्येक विद्यार्थी में जन्मजात प्रतिभाएँ होती हैं, जिन्हें खोजा जाना चाहिए, उनका पोषण करना चाहिए, उन्हें बढ़ावा देना चाहिए और उनका विकास करना चाहिए। ये प्रतिभाएँ अलग-अलग रुचियों, प्रस्तावों और क्षमताओं के रूप में खुद को व्यक्त कर सकती हैं। जो छात्र किसी दिए गए दायरे में विशेष रूचि और क्षमताओं को दिखाते हैं, उन्हें उस दायरे को सामान्य स्कूली पाठ्यक्रम से परे भी अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। शिक्षक शिक्षा में विद्यार्थियों की प्रतिभाओं और रुचियों की पहचान और इन्हें बढ़ावा देने के तरीके शामिल होंगे। एनसीईआरटी और एनसीटीई, प्रतिभाशाली बच्चों की शिक्षा के लिए दिशानिर्देश विकसित करेंगे। बी.एड. कार्यक्रमों में भी प्रतिभाशाली बच्चों की शिक्षा में विशेषज्ञता अर्जित की जा सकेगी।

4.44 शिक्षकों का उद्देश्य छात्रों को पूरक संवर्धन सामग्री और मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देकर कक्षा में उनके एकल हितों और/या प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना होगा। विषय-केंद्रित और प्रोजेक्ट-आधारित क्लब और सर्कल, स्कूल कॉम्प्लेक्स, जिलों और उससे आगे के स्तरों पर अत्यधिक प्रोत्साहित और समर्थित किये जाएगे। साइंस सर्कल, मैथ सर्कल, म्यूजिक परफॉर्मेंस सर्कल, चेस सर्कल, पोएट्री सर्कल, लैंग्वेज सर्कल, ड्रामा सर्कल, डिबेट सर्कल, स्पोर्ट्स सर्कल, इको-क्लब, स्वास्थ्य और कल्याण क्लब / योग क्लब इत्यादि इस प्रकार के कुछ उदहारण हैं।

इसी तर्ज पर, विभिन्न विषयों में माध्यमिक विद्यालय के छात्रों के लिए उच्चतर गुणवत्ता वाले राष्ट्रीय आवासीय ग्रीष्मकालीन कार्यक्रमों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, जिनमें पूरे देश से बहुत अच्छे छात्रों और शिक्षकों, जिसमें सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित समूहों के विद्यार्थी और शिक्षक भी शामिल हैं, को आकर्षित करने के लिए गहन मेरिट-आधारित लेकिन समान प्रवेश प्रक्रिया होगी।

4.45 देश भर में विभिन्न विषयों में ओलंपियाड और प्रतियोगिताओं को आयोजित किया जाएगा, जिनमें स्कूल से लेकर स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर जरुरी समन्वय के जरिये यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी छात्र सभी स्तरों पर जिनमें उन्होंने क्वालीफाई किया हो, उनमे भाग ले सकें। व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों और क्षेत्रीय भाषाओं में ओलंपियाड उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

सार्वजनिक और निजी विश्वविद्यालय, जिनमें आईआईटी और एनआईटी जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हैं, को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ओलंपियाड के परिणामों और अन्य संगत राष्ट्रीय कार्यक्रमों के परिणामों का उपयोग दाखिले संबंधी मानदंडों के भाग के रूप में उनके अवरख्रातक कार्यक्रमों में प्रवेश देने में करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

4.46 एक बार जब इंटरनेट से जुड़े स्मार्टफोन या टैबलेट सभी घरों और / या स्कूलों में उपलब्ध होंगे, तो क्विज, प्रतियोगिताओं, आकलन, संवर्धन सामग्री वाले ऑनलाइन ऐप और साझा हितों के लिए ऑनलाइन समुदाय विकसित किए जाएंगे, और सभी उपरोक्त चीज़ों को समृद्ध बनाने के लिए काम करेंगे जैसे माता-पिता और शिक्षकों की उचित देखरेख में विद्यार्थियों के लिए समूह गतिविधियां। स्कूल चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट कक्षाकक्ष विकसित करेंगे ताकि डिजिटल शिक्षणशास्त्र का उपयोग हो सके और उसके द्वारा ऑनलाइन संसाधनों और सहयोग के साथ सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को समृद्ध किया जा सके।

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