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शिक्षक : भर्ती और पदस्थापन

शिक्षक 

5.1 शिक्षक वास्तव में बच्चों के भविष्य को आकार देते है, अतः हमारे राष्ट्र के भविष्य का भी निर्माण करते है। इस नेक योगदान के कारण ही भारत में शिक्षक समाज के सबसे ज्यादा सम्मानित सदस्य थे और सिर्फ सबसे अच्छे और विद्वान ही शिक्षक बनते थे। विद्यार्थियों को निर्धारित ज्ञान, कौशल और नैतिक मूल्य प्रदान करने के लिए समाज शिक्षक या गुरुओं को उनके जरूरत की सभी चीजें प्रदान करता था।
अध्यापक-शिक्षा की गुणवत्ता, भर्ती, पदस्थापन, सेवा शर्तें, और शिक्षकों के अधिकारों की स्थिति वैसी नहीं है जैसी होनी चाहिए, और इसके परिणाम स्वरूप शिक्षकों की गुणवत्ता और उत्साह वांछित मानकों का प्राप्त नहीं कर पाता है। शिक्षकों के लिए उच्चतर दर्ज़ और उनके प्रति आदर और सम्मान के भाव को पुनर्जीवित करना होगा ताकि शिक्षण व्यवसाय में बेहतर लोगों को शामिल करने हेतु उन्हें प्रेरित किया जा सके। हमारे छात्रों और हमारे राष्ट्र के लिए सर्वोत्तम संभव भविष्य सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की प्रेरणा और सशकतीकरण की आवश्यकता है।

भर्ती और पदस्थापन

5.2 उत्कृष्ट विद्यार्थी ही विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र से शिक्षण पेशे में प्रवेश कर पाएं यह सुनिश्चित करने के लिए एक उत्कृष्ट 4-वर्षीय एकीकृत बी. एड. कार्यक्रम में अध्ययन के लिए बड़ी संख्या में मेरिट-आधारित छात्रवृत्ति देश भर में स्थापित की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र में, कुछ विशेष मेरिट आधारित छात्रवृति को स्थापित किया जाएगा जिसके तहत चार वर्षीय बी. एड. डिग्री सफलता पूर्वक पूरा करने के बाद स्थानीय इलाकों में निश्चित रोजगार भी शामिल होगा। इस प्रकार की छात्रवृति स्थानीय विद्यार्थियों (विशेषकर छात्राओं) के लिए स्थानीय नौकरियों के अवसर प्रदान करेगी जिससे कि ये विद्यार्थी स्थानीय क्षेत्र के रोल मॉडल के रूप में और उच्चतर-योग्य शिक्षकों के रूप में सेवा कर सकें जो स्थानीय भाषा बोलते हों। उत्कृष्ट शिक्षकों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षण कार्य करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा, विशेष रूप से ऐसे क्षेत्रों में जो वर्तमान में सबसे ज्यादा शिक्षक की कमी का सामना कर रहे हैं और उत्कृष्ट शिक्षकों की सबसे बड़ी जरूरत है। ग्रामीण स्कूलों में पढ़ाने के लिए एक प्रमुख प्रोत्साहन स्कूल परिसर में या उसके आस-पास स्थानीय आवास का प्रावधान होगा या ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय आवास रखने में मदद करने के लिए आवास भत्ते में वृद्धि होगी।

5.3 शिक्षक और समुदाय के बीच संबंध बने और वह अपने समुदाय से जुड़ा रहे जिससे विद्यार्थियों को रोल मॉडल और शैक्षिक वातावरण मिले सके, इसे सुनिश्चित करने के लिए अत्यधिक शिक्षक स्थानांतरण की हानिकारक प्रैक्टिस पर रोक लगायी जाएगी। राज्य / केंद्रशासित प्रदेश सरकारों द्वारा निर्धारित तरीके से स्थानान्तरण बहुत ही विशेष परिस्थितियों में किए जाएंगे। इसके अलावा पारदर्शिता बनाये रखने के लिए स्थानांतरण एक ऑनलाइन सॉफ्टवेयर आधारित व्यवस्था के द्वारा किये जायेंगे।

5.4 शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) सामग्री और शिक्षाशास्त्र दोनों के संदर्भ में बेहतर परीक्षण सामग्री को विकसित करने के लिए मजबूत किया जाएगा। स्कूल शिक्षा के सभी स्तरों (बुनियादी, प्रारंभिक, मिडिल और माध्यमिक) के शिक्षकों को शामिल करते हुए भी टीईटी को विस्तृत किया जाएगा। विषय शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में उनके संबच्धित विषय में प्राप्त टीईटी या एनटीए परीक्षा के अंको को भी शामिल किया जाएगा। शिक्षण के प्रति जोश और उत्साह को जाँचने के लिए साक्षात्कार या कक्षा में पढ़ाने का प्रदर्शन करना ,स्कूल या स्कूल कॉम्प्लेक्स में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग होगा। इन साक्षात्कारों का उपयोग स्थानीय भाषा में शिक्षण में सहजता और दक्षता का आकलन करने के लिए किया जाएगा, जिससे प्रत्येक स्कूल / स्कूल कॉम्प्लेक्स में कम से कम कुछ शिक्षक हों जो स्थानीय भाषा और छात्रों की अन्य प्रचलित घरेलू भाषाओं में छात्रों के साथ बातचीत कर सकें। निजी स्कूलों में शिक्षकों को भी टीईटी, कक्षा में पढ़ाने का प्रदर्शन / साक्षात्कार और स्थानीय भाषा के ज्ञान के माध्यम से समान रूप से योग्य होना चाहिए।

5.5 विषयों में शिक्षकों की पर्याप्त संख्या सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से कला, शारीरिक शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा और भाषाओं जैसे विषयों में - शिक्षकों को एक स्कूल या स्कूल कॉम्प्लेक्स में भर्ती किया जा सकता है; स्कूलों में शिक्षकों की साझेदारी को राज्य / केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों द्वारा अपनाई गई ग्रुपिंग-ऑफ-स्कूल प्रारूप के अनुसार किया जा सकता है।

5.6 स्कूलों / स्कूल कॉम्प्लेक्स को छात्रों को लाभान्वित करने और स्थानीय ज्ञान और विशेषज्ञता को बढ़ावा देने के लिए, विभिन्न विषयों जैसे पारंपरिक स्थानीय कला, व्यावसायिक शिल्प, उद्यमिता, कृषि, या कोई अन्य विषय जहाँ स्थानीय विशेषज्ञता मौजूद है, में स्थानीय प्रतिष्ठित व्यक्तियों या विशेषज्ञों को 'विशेष प्रशिक्षक' के रूप में रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

5.7 अगले दो दशकों में अपेक्षित विषयवार शिक्षकों की रिक्तियों का आकलन करने के लिए एक तकनीक आधारित व्यापक शिक्षक-आवश्यकता आयोजना और भावी आवश्यकताओं के अनुमान का कार्य प्रत्येक राज्य द्वारा आयोजित किया जाएगा। भर्ती और पदस्थापन में ऊपर बताई गई सभी नयी पहलों को समय के साथ जरुरत के मुताबिक़ बढ़ाया जाएगा, जिसका उद्देश्य सभी रिक्त पदों पर स्थानीय शिक्षकों सहित योग्य शिक्षकों को नीचे वर्णित कैरियर प्रबंधन और प्रगति के लिए उपयुक्त गुणवत्ता प्रोत्साहन सहित भर्ती करना होगा। शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम और ऑफरिंग्स इस प्रकार अनुमानित रिक्तियों के सामंजस्य में होंगे।
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