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शिक्षकों के लिए बदलाव

प्रभावकारी शिक्षक भर्ती और करियर प्रगति मार्ग

शिक्षकों को प्रभावकारी एवं पारदर्शी प्रक्रियाओं के जरिए भर्ती किया जाएगा। पदोन्नति योग्यता आधारित होगी जिसमें कई स्रोतों से समय-समय पर कार्य-प्रदर्शन का आकलन करने और करियर में आगे बढ़कर शैक्षणिक प्रशासक या शिक्षाविशारद बनने की व्‍यवस्‍था होगी। शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय प्रोफेशनल मानक (एनपीएसटी) राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा वर्ष 2022 तक विकसित किया जाएगा, जिसके लिए एनसीईआरटी, एससीईआरटी, शिक्षकों और सभी स्तरों एवं क्षेत्रों के विशेषज्ञ संगठनों के साथ परामर्श किया जाएगा। 👉शिक्षक : भर्ती और पदस्थापन

स्कूल प्रशासन

स्कूलों को परिसरों या क्लस्टरों में व्यवस्थित किया जा सकता है जो प्रशासन (गवर्नेंस) की मूल इकाई होगा और बुनियादी ढांचागत सुविधाओं, शैक्षणिक पुस्तकालयों और एक प्रभावकारी प्रोफेशनल शिक्षक-समुदाय सहित सभी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। 👉 School Complex and Cluster

स्कूली शिक्षा के लिए मानक-निर्धारण एवं प्रत्यायन

एनईपी 2020 नीति निर्माण, विनियमन, प्रचालनों तथा अकादमिक मामलों के लिए एक स्पष्ट, पृथक प्रणाली की परिकल्पना करती है। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश स्वतंत्र स्टेट स्कूल स्टैंडर्ड्स अथारिटी (एसएसएसए) का गठन करेगे। सभी मूलभूत नियामकीय सूचना का पारदर्शी सार्वजनिक स्व-प्रकटन, जैसाकि एसएसएसए द्वारा वर्णित है, का उपयोग व्यापक रूप से सार्वजनिक निगरानी एवं जवाबदेही के लिए किया जाएगा। एससीईआरटी सभी हितधारकों के परामर्श के जरिये एक स्कूल गुणवत्ता आकलन एवं प्रत्यायन संरचना (एसक्यूएएएफ) का विकास करेगा। 👉Standard and Certification for School Education

अध्यापक शिक्षण

एनसीईआरटी के परामर्श से, एनसीटीई के द्वारा अध्यापक शिक्षण के लिए एक नया और व्यापक राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा, एनसीएफटीई  2021 तैयार किया जाएगा। वर्ष 2030 तक, शिक्षण कार्य करने के लिए कम से कम योग्यता 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड डिग्री हो जाएगी। गुणवत्ताविहीन स्वचालित अध्यापक शिक्षण संस्थान (टीईओ) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 👉Teacher Education B.Ed Degree

परामर्श मिशन

एक राष्ट्रीय सलाह मिशन की स्थापना की जाएगी, जिसमें उत्कृष्टता वाले वरिष्ठ/सेवानिवृत्त संकाय का एक बड़ा पूल होगा- जिसमें भारतीय भाषाओं में पढ़ाने की क्षमता वाले लोग शामिल होंगें- जो कि विश्वविद्यालय/कॉलेज के शिक्षकों को लघु और दीर्घकालिक परामर्श/व्यावसायिक सहायता प्रदान करने के लिए तैयार करेंगे। 👉National Research Foundation

सेवाकाल के दौरान कार्य-संस्कृति और वातावरण

स्कूलों के काम के वातावरण और संस्कृतियों में आमूल-चूल परिवर्तन करने का प्राथमिक लक्ष्य शिक्षकों की क्षमताओं को अधिकतम स्तर तक बढ़ाना होगा ताकि वे अपना काम प्रभावी ढंग से कर सकें और यह सुनिश्चित हो सके कि वे शिक्षकों, छात्रों, अभिभावकों, प्रधानाध्यापकों और अन्य सहायक कर्मचारियों के एक समावेशी समुदाय का हिस्सा बन सकें; जिनका एक कॉमन लक्ष्य यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी बच्चे सीख रहे हैं। 👉Professional Development for Teachers

शिक्षक शिक्षा का दृष्टिकोण

शिक्षक-शिक्षा को धीरे-धीरे वर्ष 2030 तक बहु-विषयक कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शामिल किया जाएगा। वर्ष 2030 तक, शिक्षण के लिए न्यूनतम योग्यता 4 वर्षीय एकीकृत बी.एड. डिग्री होगी जिसमें विस्तृत ज्ञान सामग्री और अध्यापन सामग्री से शिक्षण कराया जाएगा इसमें स्थानीय स्कूलों में छात्र-शिक्षण के रूप में व्यावहारिक अभ्यास प्रशिक्षण भी शामिल होगा। 4 वर्षीय एकीकृत बी.एड. डिग्री प्रदान करने वाले इन्ही बहु-विषयक संस्थानों के द्वारा ही 2 वर्षीय बी.एड. कार्यक्रम भी प्रदान किए जाएंगे और यह केवल उनके लिए ही आवश्यक होगा जो पहले से ही अन्य विशिष्ट विषयों में स्नातक की डिग्री प्राप्त कर चुके हैं। 👉Teacher Education Approach


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